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Friday, March 4, 2016

प्यार शादी के बाद

वो टमाटर काट रहे हैं
मैं बर्तन धो रही हूँ
शादी के बाद यही प्यार
बचा रह गया है
हमारा- तुम्हारा
बच्चे पढ़ते नहीं है
तुम उन्हें कुछ कहते नहीं हो
इसी तू-तू मैं-मैं में
कट रहा है जीवन बेचारा
सारे दिन तुम क्या करती हो
क्या बस सोती रहती हो
बच्चे ही तो हैं
सँभाल नहीं सकती हो
कौन समझाये किसी को
कि गलती किसकी है
बोलते- बोलते थककर
ख़ुद ही चुप हो जाऐंगें दोनो
फिर क्यों ले किसी और का सहारा
मैं कुछ बोलूँ
और उधर से उल्टा जबाव ना मिले
तो भी शक़ होता है
क्या चल रहा होगा मन में
ताने मार के देखूँ क्या दुबारा
बच्चों की परीक्षायें खत्म हो चुकी है
चलो बाहर कहीं घूम आते है
पहले ये तो तय हो जाये
चलना कहाँ है दिलदारा
तुम्हारी मर्जी कुछ और
मेरी मर्जी कुछ और
बच्चों की मर्जी कुछ और
छोड़ो जाने दो
यही पड़े रहते हैं
इतना टेन्शन क्यों ले ये दिल-दिमाग बेचारा
बैठे- बैठे यहीं से महसूस कर लेते है
बहारों का बहाराँ
चलो आज कहीं
बाहर डीनर पे चलते हैं
सबकी अपनी- अपनी पसंद है
बेचाना वेटर परेशान
घूर घूर कर देख रहा है
शायद सोचता होगा
काश अब यहाँ न आये ये दुबारा
मुझे सिरीयल पसंद है
उन्हें न्यूज़ पसंद है
बच्चों को कार्टून नेटवर्क चाहिए
माताजी भजन सुनना चाहती हैं
हाय राम
बिजली बिल थमाते हुए
मीटर रीडर ने मजाक में बोला
आप बिजली ही खाते हो क्या हमारा
मुझे पुराने गाने पसंद है
उन्हे ग़जल पसंद है
बच्चे हनी सिंग सुना-सुना कर बर्बाद कर रहे है
घर न हुआ
मानो चिड़िया घर हो गया हमारा
चलो खाने मे आज कुछ स्पेशल बनाये
मुझे डोसा पसंद है
उन्हें इडली पसंद है
बच्चे चाऊमिंग की जिद्द मचाये है
ओह,कहाँ फँस गई मैं बोलकर
नाहीं बोलती तो अच्छा था हमारा
इसमे तीखा कम है
इसमे नमक ज्यादा है
सब्जी में रस कम लगता है
पतिदेव जी तुनक कर बोले
तुम ख़ुद देखो ना यहाँ आकर
अपनी सब्जी का नज़ारा
मुझे चाय पसंद है
उन्हें कॉफी पसंद है
बच्चों को दूध की तलब लगी है
बताओ तो
कौन करेगा काम इतना सारा
घर मे मेहमान आये है
लगता है टिकने वाले हैं
फरमाइश कर लिस्ट पकड़ा चुके है
ये सामान जरा लेते आईयेगा हमारा
सारे बच्चे मिलकर
घर मे ऊधम मचाये हैं
किसी को टॉफी चाहिए
किसी को पानी चाहिए
कोई बिस्कीट माँग रहा है
आंटी सुनती नहीं हो
जरा  बिस्किट दे दो न हमारा
बड़े भी क्या कम है
गप्प का सिलसिला चल रहा है
बीच बीच में चाय-कॉफी का अॉडर मिल रहा है
ओह राम जाने
कबतक होगा ऐसा हाल हमारा
मैं अपने दिन भर के
कामों के बखान मे लगी हूँ
वो अपने  दिन भर के
कामों के बखान मे लगे हैं
बच्चें सुन-सुनकर परेशान
मम्मा-पापा कुछ नहीं हो सकता तुम्हारा
जिनकी शादी नहीं हुई है
सँभल जाये
क्योकि आगे
यही हाल होने वाला है
प्यार के साइड इफेक्ट में तुम्हारा !!