Search This Blog

Tuesday, January 5, 2016

बदलते वक्त के साथ

बदलते वक्त के साथ चलो
थोड़ा तुम बदलो थोड़ा हम बदले
अपने 'मै' को बगल मे रखकर
अपने 'अहम' से थोड़ा हटकर
थोड़ा तुम चलो थोड़ा हम चले
बातों को जितना खींचो बढ़ती हैं
रिस्तों के नाजुक डोर को कमजोर करती हैं
ऐसे मे 'हम' बनकर दोनो साथ चले
थोड़ा तुम जुड़ो थोड़ा हम जुड़े !!