Search This Blog

Tuesday, February 2, 2016

कोई ख़्वाहिश बचे न सपना

आ जाओ क़रीब इतना
कोई फ़ासला न रहे दरमियां
मेरी साँसों को महका दो
मुझे बाँहों में जगह दो
कोई ख़्वाहिश बचेे न सपना
क्या सोच रहे हो इतना
किस बात की है ये उदासी
मैं साथ हूँ तेरे तब क्यूँ
तेरी आँखें है प्यासी
मिल जाओ हमसे इतना
बन जायें दो जिस्म एक जाँ
मेरी साँसों को महका दो
मुझे बाँहों में जगह दो
कोई ख़्वाहिश बचे न सपना
साजन मेरा जीवन तुम हो
तुमसे है ये जीवन मेरा
उसकी मर्जी वो जाने
वश नहीं है तेरा-मेरा
ना सोचो तुम ये इतना
प्यार मरता नहीं है हमनवाँ
मेरी साँसों को महका दो
मुझे बाँहों में जगह दो
कोई ख़्वाहिश बचे न सपना
माना मेरे दिन अब कम हैं
फिर भी किस बात का ग़म है
तेरी साँसों में जिन्दा हूँ
क्या यह एहसास कम है
ना जाओ दूर इतना
फिर हम चल देंगें दुसरे जहां
मेरी साँसों को महका दो
मुझे बाँहों में जगह दो
कोई ख़्वाहिश बचे न सपना
आ जाओ क़रीब इतना
कोई फ़ासला न रहे दरमियां !!