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Tuesday, March 22, 2016

कैसे खेले होली और किससे

कैसे खेले होली और किससे
रंगो से भरे अपनो के हाथ
अब पराये से लगते हैं
भाईचारे की खिड़की से झाँकती
अपनो की तस्वीरे अब धुँधली हो चली है
अब वो फागुन की रौनक
कहीं दिखती नहीं है
वो चेहरे पर अपनापन का भाव
जो कभी अपना होने का एहसास कराता था
वो गायब हो चला है
कैसे खेले होली और किससे
एेसा नही कि आज किसी से कोई मिलता नही हैं
रौनके महफ़िले कही जमती नहीं है
मगर कुछ टूटा,कुछ खोया,कुछ तन्हा-सा है
आँखों में भाव तैरते ही नहीं है
जिसकी अनबूझ प्यास लिये
ये दिल तमन्ना करता है
कैसे खेले होली और किससे
कैसी मज़हब की
और ना जाने किन-किन बातों की
दीवारे खड़ी कर ली है हमने
इन गलत भावों के उभरने से
चेहरे पे छाये सारे अच्छे भाव
गायब हो चले हैं
कैसे खेले होली और किससे
वक़्त कितना तेजी से बदल गया है
हम देखते ही रह गये
मुट्ठी मे पड़े रेत की तरह फिसल गया है
हम लाख पीछे लौटने की कोशिश करे
हमारा आज हमारा पीछा नही नहीं छोड़ता
मन मे वो भाव आ ही जाते है
जो दिलो को तोड़कर
अविश्वास और नफरत पैदा करते हैं
बाँट कर हमें अलग-अलग श्रेणीयों में
कैसे खेले होली और किससे
न वक़्त बदलता है न हम
बदले भी कैसे हम बदलना चाहें तब तो
मुझे आज भी याद है बचपन के वो दिन
जब होली महज़ एक त्योहार नहीं था
कितने खुश थे हम
जब दिल किसी कड़वाहट से नही भरा था
वो होली मनाने हमारे घर आते थे
हम ईंद मनाने उनके घर जाते थे
नये कपड़े पहन ईंदी लेने और
मीठी-मीठी सेवइया खाने
मिलते तो अब भी है हम
पर्व,त्योहारों में
हँसते- मुस्कराते भी हैं साथ
मगर कहते है ना कि जब
किसी रिस्ते मे गाँठे पड़ जाती है
तो बस दिखावटीपन बचता है
अपनापन नहीं
बस यहीं ठहराव हर वक़्त नज़र आता है हममें
कैसे खेले होली और किससे
उसवक़्त हमसब सिर्फ हम ही हम थे
आज हम, हम और तुम मे बदल चुके हैं
जो बाँट देता है अपनेपन के एहसास को
और जुदा कर देता देता है हमे हम से तुम बनकर
कैसे खेले होली और किससे
जी करता है खींच ले आये वापस उन लम्हों को
और फिर से फैला दे चमन मे प्यार की खुशबू
और दिखा दे दुसरे मुल्को को कि
वो हमे तोड़ने की कोशिश ना करे
हम सब एक हैं
और दिखा दे अपनी एकता की ताकत
मगर उदास-तन्हा-नन्हा-सा दिल बैठ जाता है
क्योकि ये प्रयास सबकी होनी चाहिए
किसी एक की नहीं
कैसे खेले होली और किससे
टूटा हुआ दिल कभी कभी कल्पना करता है
कि कही ऐसा न हो कि भविष्य में
अपना ही हाथ हो और अपना ही चेहरा
और हम खुद से ही बोल रहे हो
****होली मुबारक*** !!