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Wednesday, August 17, 2016

भईया राखी पे आ जाना

                                 
भईया  राखी पे आ जाना
भूला ना देना इस बहना को
भाई का फ़र्ज निभाना
भईया राखी पे आ जाना

धागे का ये बंधन है अनोखा
भईया मेरे देना ना धोखा
साल का ये इक दिन मेरा होगा
ना इस दिन तुम करना पराया

भाभी से कहना इंतज़ार में बैठी
भूखी बहना के घर है जाना
भईया राखी पे आ जाना
                                

राखी पे माँगुगी ना तुमसे
रूपये- पैसे चाहें गहना
मेरी उमर लग जाये तुम्हें बस
भईया तुमसे इतना है कहना

आँखों में आँसू छलक आये
प्यार मुझे बस देना
भईया राखी पे आ जाना
                                

मैं तुम तक शायद पहुँच ना पाऊँ
बंधन है अब मैं हूँ परायी
इज्जत हूँ अब दुजे घर की
मनमानी ना चलती अपनी

ये मेरे बाबुल का घर ना
मजबूरी ये जान जाना
भईया राखी पे आ जाना